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A R Sahil "Aleeg"
ishq ki dish hi hai kuchh aisi
ishq ki dish hi hai kuchh aisi | इश्क़ की डिश ही है कुछ ऐसी
- A R Sahil "Aleeg"
इश्क़
की
डिश
ही
है
कुछ
ऐसी
सब
खा
कर
बीमार
हुए
हैं
- A R Sahil "Aleeg"
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तुम्हारी
इक
झलक
से
रंग
उल्फत
के
उड़ाए
हैं
नज़ारों
की
नज़ाकत
को
ज़रा
देखो
मेरी
जानाँ
Aniket sagar
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दुकानें
नफ़रतों
की
ख़ूब
आसानी
से
चलती
हैं
अजब
दुनिया
है
जाने
इश्क़
क्यूँ
करने
नहीं
देती
Bhaskar Shukla
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अगर
तुम
हो
तो
घबराने
की
कोई
बात
थोड़ी
है
ज़रा
सी
बूँदा-बाँदी
है
बहुत
बरसात
थोड़ी
है
ये
राह-ए-इश्क़
है
इस
में
क़दम
ऐसे
ही
उठते
हैं
मोहब्बत
सोचने
वालों
के
बस
की
बात
थोड़ी
है
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Abrar Kashif
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जी
नहीं
भरता
कभी
इक
बार
में
इश्क़
हम
ने
भी
दोबारा
कर
लिया
shaan manral
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किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
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Vishnu virat
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इश्क़
हमारा
चाँद
सितारे
छू
लेगा
घुटनों
पर
आकर
इज़हार
किया
हमने
Darpan
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अच्छी
लड़की
ज़िद
नहीं
करते
देखो
इश्क़
बुरा
होता
है
Ali Zaryoun
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ये
है
पहली
बात
तुझ
सेे
इश्क़
है
दूसरी
ये
बात,
पहली
बात
सुन
Siddharth Saaz
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इश्क़
अगर
बढ़ता
है
तो
फिर
झगड़े
भी
तो
बढ़ते
हैं
आमदनी
जब
बढ़ती
है
तो
ख़र्चे
भी
तो
बढ़ते
हैं
माना
मंज़िल
नहीं
मिली
है
हमको
लेकिन
रोज़ाना
एक
क़दम
उसकी
जानिब
हम
आगे
भी
तो
बढ़ते
हैं
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Tanoj Dadhich
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ज़माना
इश्क़
के
मारों
को
मात
क्या
देगा
दिलों
के
खेल
में
ये
जीत
हार
कुछ
भी
नहीं
Akhtar Saeed Khan
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है
मुयस्सर
सब
को
मेरी
डायरी
जिस
को
लिखा
है
शा'इरी
में
गर
जो
चाहो
तुम
भी
पढ़
लो
ज़िंदगी
और
इश्क़
के
सब
ज़ाती
क़िस्से
A R Sahil "Aleeg"
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मेरे
दिल
में
तुम
उतरे
कब
थे?
जो
तुम
कहते
हो,
तुमने
निकाल
दिया
A R Sahil "Aleeg"
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बिन
माँगे
सब
कुछ
दिया
मुझको
ख़ुदा
ने,
शुक्र
तेरा
लेकिन
ऐसा
कुछ
नहीं
देता
जो
माँगा
है
दु'आ
में
A R Sahil "Aleeg"
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इक
ही
ग़म
काफ़ी
है
इंसाँ
को
यहाँ
बर्बाद
करने
को
और
सितम
ये,
ज़िन्दगी
से
ज़िन्दगी
भर
लड़ते
रहना
है
A R Sahil "Aleeg"
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गर
हो
मजबूरी
जो
लड़कों
की
तो,
ठहरी
बेवफ़ाई
कर
दे
लड़की
बे-वफ़ाई
गर
जो,
मजबूरी
है
भाई
A R Sahil "Aleeg"
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