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A R Sahil "Aleeg"
ishq ke dar p aane waale log
ishq ke dar p aane waale log | इश्क़ के दर प, आने वाले लोग
- A R Sahil "Aleeg"
इश्क़
के
दर
प,
आने
वाले
लोग
रह
न
पाए,
किसी
ठिकाने
के
- A R Sahil "Aleeg"
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ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
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Ritesh Rajwada
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जनाज़े
पर
मेरे
लिख
देना
यारों
मोहब्बत
करने
वाला
जा
रहा
है
Rahat Indori
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सोच
कर
पाँव
डालना
इस
में
इश्क़
दरिया
नहीं
है
दलदल
है
Renu Nayyar
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गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
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मोहब्बत
का
नहीं
इक
दिन
मुकर्रर
मोहब्बत
उम्रभर
का
सिलसिला
है
Neeraj Naveed
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मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
ये
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वादा-फ़रामोश
नहीं
है
कोई
दिल
तलबगार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
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Vishal Singh Tabish
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सुने
हैं
मोहब्बत
के
चर्चे
बहुत
सुना
है
कि
हैं
इस
में
ख़र्चे
बहुत
नतीजे
मोहब्बत
के
आए
नहीं
भरे
थे
मगर
हम
ने
पर्चे
बहुत
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S M Afzal Imam
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इश्क़
को
एक
उम्र
चाहिए
और
उम्र
का
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jigar Barelvi
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हाए
वो
इश्क़
छुपाने
के
ज़माने
'मोहन'
याद
आता
है
ग़लत
नाम
से
नंबर
रखना
Balmohan Pandey
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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इश्क़
मज़हब
रब
सनम
और
आशिक़ी
इसकी
'इबादत
इस
में
शिकवा
कुफ़्र
है
और
इल्तिज़ा
जुर्म-ए-कबीरा
A R Sahil "Aleeg"
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सच
है
शाइर
को
मिला
करती
है
शोहरत
की
बुलंदी
हाँ
मगर
जलता
नहीं
शोहरत
से
घर
का
कोई
चूल्हा
A R Sahil "Aleeg"
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सिर्फ़
ऐन
शीन
और
क़ाफ़
का
न
है
ये
वस्ल
हिज्र
दर्द
ग़म
जफ़ा
का
वस्ल
है
ये
नफ़्से-इश्क़
A R Sahil "Aleeg"
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हुआ
करती
है
शैतानों
के
मजलिस
में
ये
सरगोशी
भी
अब
अक्सर
अजब
ही
कहर
ढा
रक्खा
है
नाम-ए-इश्क़
पर
इन
हुस्न
वालों
ने
A R Sahil "Aleeg"
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है
इश्क़
ऐसा
गुनाह
जिसका
नहीं
है
मुमकिन
कोई
इज़ाला
A R Sahil "Aleeg"
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