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A R Sahil "Aleeg"
ham log kisi husn ka karte hi nahin zikr
ham log kisi husn ka karte hi nahin zikr | हम लोग किसी हुस्न का करते ही नहीं ज़िक्र
- A R Sahil "Aleeg"
हम
लोग
किसी
हुस्न
का
करते
ही
नहीं
ज़िक्र
हम
इश्क़
के
मारों
के
तसव्वुर
भी
अलग
हैं
- A R Sahil "Aleeg"
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है
नार
दोस्तों
कसरत
से
मुंतज़िर
उनकी
ग़म-ए-हुसैन
में
जो
कारोबार
करते
हैं
ये
सब
हैं
गुलशन-ए-हैदर
के
गुल
शजर
ज़ैदी
ये
गुल
तब्बसुम-ए-लब
से
शिकार
करते
हैं
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Shajar Abbas
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देखो
देखो
जानम
हम
दिल
अपना
तेरे
लिए
लाए
सोचो
सोचो
दुनिया
में
क्यूँँ
आए
तेरे
लिए
आए
Rahat Indori
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जिस
से
पूछे
तेरे
बारे
में
यही
कहता
है
ख़ूब-सूरत
है
वफ़ादार
नहीं
हो
सकता
Abbas Tabish
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देखो
मौत
का
मौसम
आने
वाला
है
ज़िंदा
रहना
सब
सेे
बड़ी
लड़ाई
है
Shadab Asghar
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दुनिया
ने
तजरबात-ओ-हवादिस
की
शक्ल
में
जो
कुछ
मुझे
दिया
है
वो
लौटा
रहा
हूँ
मैं
Sahir Ludhianvi
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उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वगैरा
करती
है
बारिश
मेरे
रब
की
ऐसी
नेमत
है
रोने
में
आसानी
पैदा
करती
है
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Tehzeeb Hafi
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बे-ख़ुदी
में
ले
लिया
बोसा
ख़ता
कीजे
मुआ'फ़
ये
दिल-ए-बेताब
की
सारी
ख़ता
थी
मैं
न
था
Bahadur Shah Zafar
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मोहब्बत
एक
ख़ुशबू
है
हमेशा
साथ
चलती
है
कोई
इंसान
तन्हाई
में
भी
तन्हा
नहीं
रहता
Bashir Badr
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वो
बहुत
चालाक
है
लेकिन
अगर
हिम्मत
करें
पहला
पहला
झूट
है
उस
को
यक़ीं
आ
जाएगा
Zafar Iqbal
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तू
मेरा
इश्क़-विश्क
था
वरना
हम
तुझे
जीत
लेते
धोखे
से
Shadab Asghar
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बूँद
भर
इश्क़
जो
इस
हुस्न
की
गागर
में
पड़े
तब
कहीं
जान
तेरे
जिस्म
के
खंडर
में
पड़े
A R Sahil "Aleeg"
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मुर्दा
है
इश्क़
जज़्ब-ओ-जुनूँ
भी
हैं
पास-पास
पाने
की
अब
तो
उस
को
तमन्ना
भी
क्या
करें
A R Sahil "Aleeg"
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कह
दिया
किसने
ना-सज़ा
है
इश्क़
कोई
पूछे
हमें
कि
क्या
है
इश्क़
जान
आफ़त
में
आ
गई
है
दोस्त
ऐसा
लगता
है
हो
गया
है
इश्क़
हाए
इस
इश्क़
को
भी
क्या
कहिए
बारहा
उनको
हो
रहा
है
इश्क़
लोग
करते
हैं
इश्क़
छुप
छुप
के
और
अपना
तो
बरमला
है
इश्क़
सब
की
अपनी
अलग
कहानी
है
सब
का
अपना
जुदा
जुदा
है
इश्क़
इश्क़
में
लोग
बे-वफ़ा
हैं
लाख
इश्क़
को
देख
बावफ़ा
है
इश्क़
इश्क़
वालों
की
एक
दुनिया
है
जिस
में
ख़ुद
बंदा
और
ख़ुदा
है
इश्क़
इश्क़
से
आगे
कुछ
नहीं
होता
मीर
जी
ख़ुद
में
इंतिहा
है
इश्क़
दिल
ये
कहता
है
इश्क़
मत
करिए
अक़्ल
का
मुझ
को
मशवरा
है
इश्क़
आप
साहिल
पे
हैं
सलामत
हैं
हम
को
दरिया
में
ले
मरा
है
इश्क़
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A R Sahil "Aleeg"
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सारी
जिद्द-ओ-जहद
सारी
इश्क़ियात
सब
को
अफ़साना
बनाया
आपने
A R Sahil "Aleeg"
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हैं
दफ़्न
राज़
शा'इरी
में
तो
कई
यहाँ
मगर
सवाल
पूछ
कर
यूँँ
ज़ख़्म
को
हरा
नहीं
करो
A R Sahil "Aleeg"
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