zaraa bhi khauf mujhe ab na aan baan ka hai | ज़रा भी ख़ौफ़ मुझे अब न आन बान का है

  - A R Sahil "Aleeg"
ज़राभीख़ौफ़मुझेअबआनबानकाहै
येदेखनाहैवोपाबंदक्याज़बानकाहै
मिटारहाहैअँधेरेगलीकेकमहैक्या
भलेचराग़किसीदूसरेमकानकाहै
जोदरमियाँहैहमारेहमाराहैहीनहीं
येफ़ासिलातोज़मींऔरआसमानकाहै
ज़रासीदूरउड़ाथामैंअपनेपरखोले
हवामेंशोरअभीतकमिरीउड़ानकाहै
बिखरगयाहैज़मींपरमहकताहैफिरभी
येफूलजानेभलाकिसकेफूलदानकाहै
भलेअलगहैंतरीक़ेमियाँइबादतके
हैआरतीकावहीवक़्तजोअज़ानकाहै
हमारातीरनहींजाताहैहदफ़केपार
हदफ़केपारनिशाँऔरहीकमानकाहै
मैंअपनेहक़मेंसफ़ाईतमामदेबैठा
अबइंतिज़ारमुझेआपकेबयानकाहै
झलकहीजातीहैलहज़ेसेपरवरिशउसकी
ज़बाँबतातीहैवोकैसेख़ानदानकाहै
डुबोपाएगादरियाकोईभीहमकोख़ुदा
हमारेपासमें'साहिल'तेरीअमानकाहै
  - A R Sahil "Aleeg"
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