tere julm ki intiha likh raha hooñ | तेरे ज़ुल्म की इंतिहा लिख रहा हूँ

  - A R Sahil "Aleeg"
तेरेज़ुल्मकीइंतिहालिखरहाहूँ
तुझेआजसेबे-वफ़ालिखरहाहूँ
हयालिखरहाहूँ,अदालिखरहाहूँ
तेरेहुस्नकोआइनालिखरहाहूँ
मिलेहैंमुझेग़ममुहब्बतमेंजितने
उन्हेंमैंवफ़ाकासिलालिखरहाहूँ
हथेलीपेजबभीलिखूँनामतेरा
लगेजैसेकोईदु'आलिखरहाहूँ
हरइकलफ़्ज़मेंज़िक्रआताहैतेरा
भलेकोईमिसरानयालिखरहाहूँ
भलेना-ख़ुदाहैसितमगरहैज़ालिम
मगरफिरभीउसकोख़ुदालिखरहाहूँ
लिफ़ाफ़ेमेंरखकरयेदिलअपनासाहिल
मैंऊपरतुम्हारापतालिखरहाहूँ
  - A R Sahil "Aleeg"
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