rang laati hai ghazal men naye har baar radeef | रंग लाती है ग़ज़ल में नए हर बार रदीफ़

  - A R Sahil "Aleeg"
रंगलातीहैग़ज़लमेंनएहरबाररदीफ़
ढूँढताफिरताहूँहर-सूमैंनईचाररदीफ़
यूँँसितमसहतेरहेंगेजोयेअश'आरमेरे
आपहोजाएगीख़ुददेखनातलवाररदीफ़
इसतरहबाँधीहैइसदौरमेंकुछलोगोंने
बारहाबँधतेहुएहोगईआज़ाररदीफ़
ज़ेहनमेंरोज़उभरतेहैंहज़ारोंमज़मून
माँगतेरहतेहैंहररोज़हीअश'आररदीफ़
एकतोशे'रमेरेहोतेहैंहल्केफुल्के
औरफिरउसपेसितमढातीहैबीमाररदीफ़
दूसरोंकीकरेंआपज़मींइस्तेमाल
खोजकेलायाकरेंकोईतोदमदाररदीफ़
जानेक्याबातहैबँधतीहीनहींहै'साहिल'
करनेलगतीहैक़वाफ़ीसेहीतक़राररदीफ़
  - A R Sahil "Aleeg"
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