jab bhi maazi men khota hai | जब भी माज़ी में खोता है

  - A R Sahil "Aleeg"
जबभीमाज़ीमेंखोताहै
दीवानाटूटकेरोताहै
सबख़ुशियाँख़्वाबहुईंजैसे
दिनरातयहाँदिलरोताहै
देखोतोमेरीपामालीपर
दिलक्यापत्थरभीरोताहै
हमचंददिनोंमेंसीखगए
इसइश्क़मेंक्याक्याहोताहै
ख़ुशियोंकोबाँटनेवालाही
ख़ुददर्दग़मोंकेढोताहै
पत्थरअक़्लोंपरपड़तेहैं
ऐसाहीइश्क़मेंहोताहै
दिलइसदुनियासेऊबगया
वोगोलीखाकरसोताहै
रहरहकरअश्कोंकाचश्मा
दिलकेज़ख़्मोंकोधोताहै
होनेलगताहैहार्टअटैक
जबज़िक्र-ए-ग़ज़ालाहोताहै
अबफ़स्ल-ए-इश्क़नहींउगती
क्यूँबीजवफ़ाकेबोताहै
इसनाम-ए-इश्क़कोछोड़इससे
अबग़ममेंइज़ाफ़ाहोताहै
साहिलहैयहीमर्ज़ी-ए-ख़ुदा
हरपलक्यूँरोनारोताहै
  - A R Sahil "Aleeg"
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