ishq ke bujhte charaaghon se guzaara hogaa | इश्क़ के बुझते चराग़ों से गुज़ारा होगा

  - A R Sahil "Aleeg"
इश्क़केबुझतेचराग़ोंसेगुज़ाराहोगा
ऐसेहालातमेंअबकौनहमाराहोगा
चाहेहोजैसेभीतन्हाहीगुज़ाराहोगा
अबकहाँइश्क़तेरेबाददुबाराहोगा
डूबनेवालेनेबसपाँवमारेहोंगे
पाँवकेसाथमेंहरहाथभीमाराहोगा
इनरक़ीबोंकीतरफ़जोवोखिंचेजातेहैं
ऐसालगताहैउन्हेंइश्क़दुबाराहोगा
वोमुझेछोड़गयाहैतोशिकायतकैसी
अबकिसीऔरमुक़द्दरकोसँवाराहोगा
नावडूबीहैतोमल्लाहकीसाज़िशकहो
नावनेसरपेलदाबोझउताराहोगा
चाँदकादोषनहींहैजोहुईराततवील
उसनेलगताहैख़म-ए-ज़ुल्फ़सँवाराहोगा
टूटजाएगीकिसीरोज़येसाँसोंकीडोर
हाँकिसीरोज़ज़मानेसेकिनाराहोगा
बादमेरेमेरेअश'आरपेदेंगेवोदाद
हाएउसवक़्तबहुतशोख़नज़ाराहोगा
ऐसीतन्हाईमेंइकरोज़मैंखोजाऊँगा
चाँदहोगाकोईपाससिताराहोगा
मुद्दतेंबीतगईंदोस्तचलोघर'साहिल'
गाँवकीधूलनेहमकोभीपुकाराहोगा
  - A R Sahil "Aleeg"
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