ham se be-intihaa rakhte to hain raghbat maa baap | हम से बे-इंतिहा रखते तो हैं रग़बत माँ बाप

  - A R Sahil "Aleeg"
हमसेबे-इंतिहारखतेतोहैंरग़बतमाँबाप
औरग़लतीहोतोकरतेहैंमज़म्मतमाँबाप
सारेआलममेंहमेंकोईचाहेइतना
जितनीकरतेहैंयहाँहमसेमुहब्बतमाँबाप
लाखऔलादरखेऐबफिरेनाकारा
उसकीभीकरतेमुसीबतसेहिफ़ाज़तमाँबाप
शानमेंउनकीकरेंआपभलेगुस्ताख़ी
दिलमेंलातेहीनहींफिरभीकुदूरतमाँबाप
ख़ुशनसीबीहैमेरीऔरख़ुदाकीनेमत
मैनेपाएहैंयहाँजिनकीबदौलतमाँबाप
जिनकोपालाहैलहूदेकेउन्हींबच्चोंको
ऐसेलगतेहैंबुढापेमेंहोंआफ़तमाँबाप
मर्तबाइल्म-ओ-हुनरनामयेशोहरतदौलत
पासयेसबहैतुम्हारीहीबदौलतमाँबाप
तबसमझआताहैमाँबापकीक़ीमतक्याथी
जबहमेशाकेलिएहोतेहैंरुख़सतमाँबाप
कैसेजीनाहैज़मानेमेंहमेंसाहिल
हमकोता-उम्रयेदेतेहैनसीहतमाँबाप
  - A R Sahil "Aleeg"
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