dukha ke dil jinhen sharmindagi nahin hoti | दुखा के दिल जिन्हें शर्मिंदगी नहीं होती

  - A R Sahil "Aleeg"
दुखाकेदिलजिन्हेंशर्मिंदगीनहींहोती
उन्हेंकभीकोईहासिलख़ुशीनहींहोती
मैंजानताहूँइन्हेंफूलहैंयेकाग़ज़के
बदनमेंइनकेकोईताज़गीनहींहोती
येकिसगुनाहकीइनकोसज़ामिलीया-रब
चराग़जलतेहैंऔररौशनीनहींहोती
उड़ानीपड़तीहैमजनूकोख़ाकसहरामें
जुनूँबग़ैरकभीआशिक़ीनहींहोती
कोईजलातारहेलाखशमा-ए-उल्फ़तअब
हमारेदिलमेंमगररौशनीनहींहोती
हरएकदरपेफिरेमांँगतेहुएक़तरे
वोतिश्नगीभीकोईतिश्नगीनहींहोती
हमारेसाथतेराग़महोता,मरजाते
कोईभीरातअकेलेकटीनहींहोती
कोईभीमुझकोपहचानतायहाँसाहिल
जोबेवफ़ाईतुम्हारीमिलीनहींहोती
  - A R Sahil "Aleeg"
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