chhod ke khushiyaan gham ki ibadat kar luun kya | छोड़ के ख़ुशियाँ ग़म की इबादत कर लूँ क्या

  - A R Sahil "Aleeg"
छोड़केख़ुशियाँग़मकीइबादतकरलूँक्या
इश्क़कीजानाँमैंभीतिलावतकरलूँक्या
साथतुम्हाराबेहदअच्छालगताहै
क्याकहतीहोतुमसेमोहब्बतकरलूँक्या
कलतोतुमभीछोड़केचलदोगीमुझको
आजतुम्हारेइश्क़कीबैअतकरलूँक्या
खाईथींक़स
मेंअबकरूँँगाइश्क़कभी
तेरीख़ातिरख़ुदसबग़ावतकरलूँक्या
भूलचुकेहैंहँसनाअबतोलबमेरे
साथतेरेहँसनेकीहिमाक़तकरलूँक्या
कामकीबातेंकलपरसोंकरलेंगेहम
हुस्नकीतेरेआजज़ियारतकरलूँक्या
गेसूतेरेनीमकरूँँसिन्दूरसेऔर
अपनीदुल्हनकहनेकीजुर्अतकरलूँक्या
कितनेनख़रेतेरेउठाएसाहिलने
होख़फ़ातोआजशिकायतकरलूँक्या
  - A R Sahil "Aleeg"
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