bichhad kar ishq men us se yahii mehsoos karta hooñ | बिछड़ कर इश्क़ में उस से यही महसूस करता हूँ

  - A R Sahil "Aleeg"
बिछड़करइश्क़मेंउससेयहीमहसूसकरताहूँ
मेरीक़िस्मतकीथीसारीकमीमहसूसकरताहूँ
बिछड़नेवालातोकबकागयामुझसेेबिछड़करदूर
मगरमैंअबभीउसकोपासहीमहसूसकरताहूँ
ज़मानेमेंहैंइकसेइकसनमबिछड़ेहुएलेकिन
थीऔरहैबे-वफ़ातूआजभीमहसूसकरताहूँ
भलेलबसिलकेबैठेंआपलेकिनसाफ़ज़ाहिरहै
जोकहनाचाहतीहैख़ामुशीमहसूसकरताहूँ
मेरेअश्कोंसेपड़जातीहैंआँखोंमेंमेरीठंडक
वुफ़ूर-ए-ग़ममेंभीअक्सरख़ुशीमहसूसकरताहूँ
लूँदोकशमेरादोगामफिरचलनाभीमुश्किलहै
होंसिगरेटगरमुयस्सरताज़गीमहसूसकरताहूँ
चराग़-ए-ज़ीस्तबुझनेवालाहैशायदतबहीतोमैं
अभीसेघरमेंआतीतीरगीमहसूसकरताहूँ
ज़मानेकेसितममेराबिगाड़ेंगेभीक्याआख़िर
क़ज़ाकीगोदमेंजबज़िंदगीमहसूसकरताहूँ
समुंदरपीरहाहैतूअज़लसेकितनीनदियोंको
मैंसाहिलहूँतिरीतिश्ना-लबीमहसूसकरताहूँ
  - A R Sahil "Aleeg"
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