chahta main bhi yahii hooñ ki ho iqraar kii eid | चाहता मैं भी यही हूँ कि हो इक़रार की ईद

  - A R Sahil "Aleeg"
चाहतामैंभीयहीहूँकिहोइक़रारकीईद
आजतकहोतीरहीहैतेरेइनकारकीईद
'ईदकादिनहैतूरसमनहीगलेसेलगजा
करहीदेआजमुकम्मलदिल-ए-बीमारकीईद
भीजाअर्साहुआतकतेहुएतेरीराह
क्याख़बरआख़िरीहोतेरेतलबगारकीईद
छोड़करसारेगिले-शिकवेमेरेभाई
चलमोहब्बतसेमनाएँगेहमइसबारकीईद
जिसतरफ़देखिएमहँगाईनज़रआतीहैसठकीईदहैसामानकेबाज़ारकीईद
लगकेदेतीहैकलेजेसेजोईदीबोतल
शामढलतेहीशुरूहोतीहैमय-ख़्वारकीईद
रोज़हरबज़्मसेपाताहैवो'साहिल'तोहफ़े
रोज़हरबज़्ममेंहोतीहैअदाकारकीईद
  - A R Sahil "Aleeg"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy