beshak ho ek baar zaraa sa to ishq kar | बेशक़ हो एक बार ज़रा सा तो इश्क़ कर

  - A R Sahil "Aleeg"
बेशक़होएकबारज़रासातोइश्क़कर
दिलदेकिसीपेवारज़रासातोइश्क़कर
ज़ुल्फ़ोंकोलेसँवारज़रासातोइश्क़कर
तुझपरमरेंहज़ारज़रासातोइश्क़कर
ढलजाएगीयेधूपजवानीकीएकदिन
आँखोंकोकरलेचारज़रासातोइश्क़कर
खिलनेलगेगाइंद्रधनुषसातेरायेहुस्न
तूबनवफ़ाशियारज़रासातोइश्क़कर
जाएगीसमझहैयेदीवानगीभीक्या
कहताहूँबारबारज़रासातोइश्क़कर
हैमशवराअक़्लरखहुस्नसेतूरब्त
दिलकीमगरपुकारज़रासातोइश्क़कर
तन्हाइयोंकोछोड़केरंगीनियोंमेंतू
कुछवक़्ततोगुज़ारज़रासातोइश्क़कर
गुलशनदियाउजाड़ख़िज़ाँनेसुनीइक
कहतीरहीबहारज़रासातोइश्क़कर
लबरेज़हैंघटाएँहवाएँभीसर्दहैं
मौसमहैख़ुशगवारज़रासातोइश्क़कर
  - A R Sahil "Aleeg"
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