hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
baat koi nahin judaai ki
baat koi nahin judaai ki | बात कोई नहीं जुदाई की
- A R Sahil "Aleeg"
बात
कोई
नहीं
जुदाई
की
दिल
ने
बस
दिल
से
बे-वफ़ाई
की
कूचे-कूचे
में
हो
गए
बदनाम
इश्क़
में
हमने
ये
कमाई
की
हमने
भी
वाह
कह
के
टाल
दिया
उसने
जब
जब
भी
कज-अदाई
की
हार
बैठे
जो
सब
मुख़ालिफ़
तो
दोस्तों
ने
ही
जग
हँसाई
की
हम
क़फ़स
में
भी
सर-बुलंद
रहे
इल्तिजा
की
नहीं
रिहाई
की
मुझको
उस
मेहरबाँ
ने
देकर
दिल
लाज
रखली
मेरी
गदाई
की
- A R Sahil "Aleeg"
Download Ghazal Image
वो
आँखें
आपके
ग़म
में
नहीं
हुई
हैं
नम
दिया
जलाते
हुए
हाथ
जल
गया
होगा
Shadab Javed
Send
Download Image
43 Likes
ख़बर
मिली
है
स्टेशन
पर
तुम
भी
आने
वाली
हो
रेल
को
पीछे
छोड़
दीया
है
साँसों
की
रफ़्तारों
ने
Shadab Javed
Send
Download Image
31 Likes
आग
का
क्या
है
पल
दो
पल
में
लगती
है
बुझते
बुझते
एक
ज़माना
लगता
है
Kaif Bhopali
Send
Download Image
35 Likes
एक
परिन्दे
का
घर
उजाड़
दिया
किसी
ने
बस
बच्चों
के
इक
दिन
के
झूले
की
ख़ातिर
Pankaj murenvi
Send
Download Image
2 Likes
जो
यहाँ
ख़ुद
ही
लगा
रक्खी
है
चारों
जानिब
एक
दिन
हम
ने
इसी
आग
में
जल
जाना
है
Zafar Iqbal
Send
Download Image
22 Likes
आप
कहते
थे
कि
रोने
से
न
बदलेंगे
नसीब
उम्र
भर
आप
की
इस
बात
ने
रोने
न
दिया
Sudarshan Fakir
Send
Download Image
33 Likes
तुमको
हिचकी
लेने
से
भी
दिक़्क़त
थी
मैंने
तुमको
याद
ही
करना
छोड़
दिया
Mehshar Afridi
Send
Download Image
46 Likes
हम
ही
में
थी
न
कोई
बात
याद
न
तुम
को
आ
सके
तुम
ने
हमें
भुला
दिया
हम
न
तुम्हें
भुला
सके
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
28 Likes
आप
दस्ताने
पहनकर
छू
रहे
हैं
आग
को
आप
के
भी
ख़ून
का
रंग
हो
गया
है
साँवला
Dushyant Kumar
Send
Download Image
25 Likes
उस
से
कहना
की
धुआँ
देखने
लाएक़
होगा
आग
पहने
हुए
मैं
जाऊँगा
पानी
की
तरफ़
Abhishek shukla
Send
Download Image
31 Likes
Read More
मुसन्निफ़
भले
ही
अधूरा
हो
ख़ुद
में
नहीं
लिखता
कोई
भी
क़िस्सा
अधूरा
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
हम
लोग
किसी
हुस्न
का
करते
ही
नहीं
ज़िक्र
हम
इश्क़
के
मारों
के
तसव्वुर
भी
अलग
हैं
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
0 Likes
मुझको
मजनू
पुकारना
छोड़ो
मैं
ग़ज़ाला
का
इक
पुजारी
हूँ
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
दिल
के
गुलशन
में
गर
जो
आता
इश्क़
फूल
चाहत
के
भी
खिलाता
इश्क़
अपने
मेयार
को
बचाता
इश्क़
गीत
मजनूँ
के
गुनगुनाता
इश्क़
शब
को
फ़ुर्क़त
में
काटता
तन्हा
दिन
में
वहशत
को
आज़माता
इश्क़
इक
तरफ़
दिल
जलाए
बैठा
है
इक
तरफ़
बत्तियाँ
बुझाता
इश्क़
आप
थोड़ा
यक़ीन
तो
करते
एक
दिन
हम
को
भी
मिलाता
इश्क़
मैं
भी
चुपचाप
देखता
'साहिल'
छोड़
कर
मुझ
को
दूर
जाता
इश्क़
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
0 Likes
इश्क़
मज़हब
रब
सनम
और
आशिक़ी
इसकी
'इबादत
इस
में
शिकवा
कुफ़्र
है
और
इल्तिज़ा
जुर्म-ए-कबीरा
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jannat Shayari
Hijrat Shayari
Khoon Shayari
Aabroo Shayari
Ulfat Shayari