अपने जज़्बात दबाते हुए लड़कों का दुख

  - A R Sahil "Aleeg"
अपनेजज़्बातदबातेहुएलड़कोंकादुख
रातदिनदर्दकमातेहुएलड़कोंकादुख
इश्क़कीरस्मनिभातेहुएलड़कोंकादुख
ख़ूबहैजानगँवातेहुएलड़कोंकादुख
इश्क़कीआगनेसमझाकभीभीअबतक
अपनेदामनकोजलातेहुएलड़कोंकादुख
हमनेदेखाहैसुबुकतेहुएहँसदेताहै
हिज्रकाबोझउठातेहुएलड़कोंकादुख
फूटकररोनेलगेदेखतेहीचारा-गर
ज़ख़्मसीनेकेछुपातेहुएलड़कोंकादुख
मय-कदेजाकेहीपाताहैसुकूँलोगों
जामपरजामलड़ातेहुएलड़कोंकादुख
आपकोदादसेमतलबहैसमझेंगेआप
शे'रपेशे'रसुनातेहुएलड़कोंकादुख
औरइकरोज़निगलजाताहैयेलड़कोंको
इश्क़कीक़िस्तचुकातेहुएलड़कोंकादुख
हुस्नक्याजानेउसेअपनीख़ुशीसेमतलब
ज़िम्मादारीकोउठातेहुएलड़कोंकादुख
मय-कदेमेंथेजोपैमानेसभीटूटगए
दर्दकीबज़्मसजातेहुएलड़कोंकादुख
हुस्नसमझाहीनहींरोज़-ए-अज़लसेअबतक
चाँदकोपासबुलातेहुएलड़कोंकादुख
कोईदीवानाहीपहचानसकाहैसाहिल
ख़ाकसेहरामेंउड़ातेहुएलड़कोंकादुख
  - A R Sahil "Aleeg"
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