raat kii soch dikhaave se juda hoti hai | रात की सोच दिखावे से जुदा होती है

  - arjun chamoli
रातकीसोचदिखावेसेजुदाहोतीहै
दिनतोहँसताहीरहेरातमेरीरोतीहै
मैंमिटाताहूँबहुतरातकाचेहराफिरभी
दिनकीमुस्कानकहाँदिलकीअज़ाधोतीहै
वोउजालेमेंमिलेरातमेंदेखाकबथा
उनकोयेइल्मकहाँआँखकभीसोतीहै
दर्दमिटताहीनहींज़ख़्मनेछोड़ाकबहै
जिस्मकीडोरबनासीपमेंज्यूँँमोतीहै
येसितारोंकीचमकचाँदकीक़िस्मतमेंहै
मैंतोहूँबुझतादियामुझमेंचमकखोतीहै
  - arjun chamoli
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