koshishein hui vo sab sifar ujaala bujh gaya | कोशिशें हुईं वो सब सिफ़र उजाला बुझ गया

  - Nishant Singh
कोशिशेंहुईंवोसबसिफ़रउजालाबुझगया
धूपथादिखानाजबउधरउजालाबुझगया
इकदु'आकीलौकादायराथासिर्फ़रस्तेतक
ख़त्मजोहुआमिरासफ़रउजालाबुझगया
येहीसोचउसकेशहरमेंकदमनहींरखा
मेरेरंजसेवहाँअगरउजालाबुझगया
उसकोख़ुशसादेखरौशनीहुईथीज़्यादाकुछ
वोख़फ़ाहुआउसीपहरउजालाबुझगया
इकपरायादुखहैकेमुझमेंहीसमागया
तीरगीहुईकिधरकिधरउजालाबुझगया
  - Nishant Singh
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