ilaahi KHair ho ab apne aashiyaane ki | इलाही ख़ैर हो अब अपने आशियाने की

  - Anwar Taban
इलाहीख़ैरहोअबअपनेआशियानेकी
निगाहेंउसकीतरफ़फिरउठींज़मानेकी
हवा-ए-तुंदगुज़रजाएसर-निगूँहोकर
इकऐसाआशियाँकोशिशकरोबनानेकी
ख़िज़ाँकेआनेसेहोजाएँग़म-ज़दाजोफूल
उन्हेंक़समहैबहारोंमेंमुस्कुरानेकी
किसीकीबर्क़-ए-नज़रसेबिजलियोंसेजले
कुछइसतरहकीहोता'मीरआशियानेकी
वोपूछतेहैंकिदिनकिसतरहगुज़रतेहैं
येकोईबातहै'ताबाँ'उन्हेंबतानेकी
  - Anwar Taban
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