hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anuj kumar
ishq dega saza ye pata hai mujhe
ishq dega saza ye pata hai mujhe | इश्क़ देगा सज़ा ये पता है मुझे
- Anuj kumar
इश्क़
देगा
सज़ा
ये
पता
है
मुझे
वो
करेगा
जफ़ा
ये
पता
है
मुझे
रोग
ही
मुझको
ऐसा
लगा
क्या
करूँँ
जान
लेगी
दवा
ये
पता
है
मुझे
कर
तुझे
जो
मिरे
साथ
करना
है
कर
पास
है
अब
ख़ुदा
ये
पता
है
मुझे
कर
रहा
हूँ
भला
जो
सभी
का
यहाँ
सो
मिलेगी
क़ज़ा
ये
पता
है
मुझे
- Anuj kumar
Download Ghazal Image
जो
मिला
नहीं
उसे
तू
ख़्वाब
सा
तलाश
कर
अब
इलाज
यार
जा
किताब
सा
तलाश
कर
है
सवाल
ज़िन्दगी
का
ज़िन्दगी
में
गर
तेरे
तब
जवाब
कोई
ला
जवाब
सा
तलाश
कर
रौशनी
की
चाह
है
तुझे
तो
कर
ये
काम
बस
इल्म
ख़ामुशी
से
आफ़ताब
सा
तलाश
कर
Read Full
Anuj kumar
Download Image
1 Like
ज़िन्दगी
अपनी
हम
गुज़ार
चले
सब
नशा
इश्क़
का
उतार
चले
कोई
हसरत
नहीं
हमें
ख़ुदस
हम
सभी
हसरतों
के
पार
चले
सबकी
सब
नफ़रतों
को
दिल
से
लगा
है
हमारा
ख़ुदा
पुकार
चले
उस
गली
में
नहीं
बचा
कुछ
क्यूँँ
उस
गली
हम
यूँँ
बार-बार
चले
जो
निभा
सकते
थे
निभा
दी
फिर
मन
में
लेके
वो
क्यूँँ
गुबार
चले
मिल
गया
दोस्त
एक
उसका
हम
बोझ
दिल
का
सभी
उतार
चले
वो
मिले
या
नहीं
मिले
हमको
उसकी
क़िस्मत
को
हम
सँवार
चले
दिल
के
टुकड़े
किए
हैं
जिसने
यार
हम
तो
उस
पे
ही
जाँ
निसार
चले
मिलती
हैं
सब
को
मन्ज़िलें
तो
कभी
तीर-ए-दुश्मन
भले
हज़ार
चले
यार
आएँ
न
आएँ
दोस्त
सभी
ओर
से
अपनी
हम
गुहार
चले
अब
बचा
कुछ
नहीं
ख़ला
के
सिवा
अब
चलो
हम
यहाँ
से
यार
चले
चलते
हैं
ज़िन्दगी
लिए
ऐसे
लाश
लेके
जो
लोग
चार
चले
ज़िन्दगी
इसलिए
भी
जी
कुछ
तो
ज़िल्लतों
का
भी
रोज़गार
चले
चाह
रंग-ए-सुखन
की
थी
लेकिन
हो
के
हम
याँ
से
अश्क़-बार
चले
वो
सर-ए-रहगुज़र
थी
मिलती
सो
दिल-ए-हर
वो
कली
निहार
चले
शहर
पहले
पहल
हुए
जो
नाश
सब
सेे
पहले
तो
शहरयार
चले
जो
बिगाड़ी
ज़बान
हमने
अभी
तो
ज़बान
अपनी
सब
सुधार
चले
की
मदद
दिल
से
सबकी
मैंने
तो
सब
मिरी
बार
बस
विचार
चले
हुक़्म
उसका
मिला
चले
यूँँ
लोग
जैसे
लंबी
कोई
क़तार
चले
रास
आई
नहीं
ये
दुनिया
सो
छोड़
दुनिया
'अनुज
कुमार'
चले
Read Full
Anuj kumar
Download Image
1 Like
नज़रें
फिर
किसी
से
जो
मिला
रहे
हो
तुम
सोच
लो
ये
किस
तरफ़
को
जा
रहे
हो
तुम
पत्थरों
से
मारा
क़ैस
को
सभी
ने
ये
जानकर
भी
इश्क़
आज़मा
रहे
हो
तुम
ग़ैरों
से
तो
जीतते
रहे
हमेशा
अब
अपने
आप
से
ही
मात
खा
रहे
हो
तुम
Read Full
Anuj kumar
Download Image
0 Likes
क्या
बनाई
है
दुनिया
ख़ुदा
बे-बसी
के
लिए
कितना
मुश्किल
है
जीना
यहाँ
आदमी
के
लिए
Anuj kumar
Send
Download Image
1 Like
तो
न
आया
असर
उस
की
इबादत
में
हार
के
रो
रहा
है
वो
मुहब्बत
में
हो
गईं
सच
सभी
बातें
कहावत
की
छोड़
के
सब
चले
जाते
हैं
गु़र्बत
में
याद
आते
नहीं
हो
तुम
कभी
हम
को
बस
यही
याद
अब
करते
हैं
फु़र्क़त
में
बात
ये
इक
दिल-ए-नादाँ
समझ
ले
तू
इश्क़
रहता
नहीं
है
सब
की
क़िस्मत
में
Read Full
Anuj kumar
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Sach Shayari
Motivational Shayari in Hindi
Friendship Shayari
Akhbaar Shayari
Diversity Shayari