बात आ गई थी आज जान मेरी जान पर

  - Anuj kumar
बातगईथीआजजानमेरीजानपर
वोमिलीथीमुझकोइककिताबकीदुकानपर
दिलधड़कउठायेइतनीज़ोर-ज़ोरसेकिफिर
पायालफ़्ज़एकभीमिरीज़बानपर
क्यानहींदिखाईदेगाउसकोदेखनामिरा
क्यानहींलगेगातीर-ए-दिलकभीनिशानपर
उसकीख़ामुशीकेमानीक्याहैंक्यानहींयेरोज़
सोचताहूँमैंनज़रउठाएआसमानपर
  - Anuj kumar
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