khaali aañkhen | "ख़ाली आँखें"

  - Anshika Shukla
"ख़ालीआँखें"
नहींख़ालीनहींरहसकतीहैंआँखें
अकेलापनडराताहैउन्हें
कभीबहुतसुकूनसेभरीहोंगी
फिरउसकेअलविदाकहतेही
ख़्वाबजाएँगेउनकीजगहलेने
जोपूरेहुएतोमुस्कुराहटेंभरदेंगेआँखोंमें
वर्नाआँसुओंकेज़र्रेछीनलेंगेवोजगह
औरआँसुओंकेगुज़रजानेपरभी
मिलेगीतुम्हेंगहनख़ामोशी
जोभरीहोगीआँखोंकेकोनोंमें
जिसकेचलेजानेकेबादफिरदेखोगेतुम
एकनईसुब्हकीचमकउन
में
तोआजमेरेकहनेपरआईनादेखना
यादेखलेनाकिसीऔरकीआँखोंमेंही
येजाननेकेलिएकिक्याहैतुम्हारीआँखोंमें
जिससेेपताचलेतुम्हेंभी
किख़ालीनहींरहसकतीहैंआँखें
  - Anshika Shukla
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