kahaan fasein hain in alfaaz aur maani men | कहाँ फसें हैं इन अल्फ़ाज़ और मआनी में

  - Ansh Ghafil
कहाँफसेंहैंइनअल्फ़ाज़औरमआनीमें
येदेखिएकिग़ज़लकितनीहैरवानीमें
बहारआईहैलेकिनकोईकलीखिली
कहींकमीतोनहींमेरीबाग़-बानीमें
तेराचराग़-ए-वजूदउसकेदमसेरौशनहै
वोजिसकोभूलगयाहैतूबद-गुमानीमें
यक़ीनमानकेमुश्किललगाथामुझकोभी
जहाँबनानाहैआसाँजहान-ए-फ़ानीमें
कुछआपमैंनेबढ़ायाहैरोगमेरेतबीब
कुछआपनेभीसंवाराहैमेहरबानीमें
येऔरबातकहानीसेहमनिकालेगए
येऔरबातकिबसहमहीथेकहानीमें
फिरउसकेबादकाक़िस्साजहाँसुनाएगा
तुमअपनेआपकोबसफेंकआनापानीमें
येशे'रआख़िरी"ग़ाफ़िल"का,आख़िरीऊला
नज़रआएँगेवोइसकेबादसानीमें
  - Ansh Ghafil
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