hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ansar Ethvi
Dooba hua hai wo isii waham o gumaan mein
डूबा हुआ है वो इसी वहम-ओ-गुमान में
- Ansar Ethvi
डूबा
हुआ
है
वो
इसी
वहम-ओ-गुमान
में
रहता
नहीं
है
कोई
भी
अब
आसमान
में
जब
से
सफ़र
की
राह
में
तक़सीम
क्या
हुआ
वीरानियाँ
सी
छा
गईं
उसके
मकान
में
शामिल
नहीं
था
जो
कभी
दर्स-ए-निसाब
में
इक
रोज़
वो
भी
आया
मेरे
इम्तिहान
में
मैं
इसलिए
भी
पास
से
उठकर
के
आ
गया
नफ़रत
भरी
हुई
थी
बस
उसकी
ज़बान
में
- Ansar Ethvi
Download Ghazal Image
कभी
आँधी
से
लड़ते
हैं
कभी
तूफ़ाँ
से
लड़ते
हैं
शजर
मज़बूत
हो
जाएँ
तो
फिर
टूटा
नहीं
करते
Ansar Ethvi
Send
Download Image
1 Like
भँवर
में
जब
कभी
भी
सामना
मझदार
का
होना
ज़रूरी
भी
है
कश्ती
के
लिए
पतवार
का
होना,
वतन
की
नीव
हैं
हम
तो
अलग
हो
ही
नहीं
सकते
कभी
देखा
है
ख़बरों
के
बिना
अख़बार
का
होना
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
1 Like
लहरों
ने
टूटी
कश्ती
को
कमतर
समझ
लिया
अच्छा
हुआ
कि
कश्ती
ने
तेवर
समझ
लिया
जिस
दाम
जिसने
चाहा
उसी
दाम
में
रखा
मुझको
किसी
गरीब
का
ज़ेवर
समझ
लिया
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
0 Likes
तेरी
कश्ती
रवानी
में
वो
आनी
भी
नहीं
देंगे
तुझे
पहचान
अपनी
ही
बनानी
भी
नहीं
देंगे
वफ़ादारी
लुटाई
तूने
कुछ
ऐसे
ही
लोगों
पर
जो
तुझको
ही
तिरे
हिस्से
का
पानी
भी
नहीं
देंगे
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
1 Like
जिसे
तुम
अपना
समझ
रहे
हो
उसी
को
दिल
से
लगा
रहे
हो
अगर
वो
फिर
भी
ना
हो
तुम्हारा
बताओ
मुझको
तो
क्या
करोगे
वो
पास
आतिश
के
ही
खड़ा
है
जिसे
मुहाफ़िज़
समझ
लिया
है
करे
जो
आँधी
को
इक
इशारा
बताओ
मुझको
तो
क्या
करोगे
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Majboori Shayari
Khyaal Shayari
Political Shayari
Shadi Shayari
Teer Shayari