hadein badhne lagii theen teergii ki | हदें बढ़ने लगी थीं तीरगी की

  - Ankit Maurya
हदेंबढ़नेलगीथींतीरगीकी
कमीजबहोगईथीरौशनीकी
ख़ुदातूहीबताकिसबातपेये
सज़ाहमकोमिलीहैज़िन्दगीकी
कोईकरतानहींहैइंतिज़ारअब
ज़रूरतहीनहींपड़तीघड़ीकी
करेंदुनियाजहाँकीफ़िक्रक्यूँहम?
हमारीउम्रहैआवारगीकी
हमइकमुद्दतसेरोएजारहेहैं
चुकानीपड़गईक़ीमतहँसीकी
मैंखाकरचोटदिलपेसोचताहूँ
मुझेक्याथीज़रूरतदिल-लगीकी
ख़ुशीमेंयादभीआतानहींजो
जबआयाग़मउसीकीबंदगीकी
मैंअबहरचीज़सेउकताचुकाहूँ
मुझेमतदोदुआएंज़िन्दगीकी
  - Ankit Maurya
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