keejie hunar ka zikr kya aabroo-e-hunar nahin | कीजिए हुनर का ज़िक्र क्या आबरू-ए-हुनर नहीं

  - Anis Dehlavi
कीजिएहुनरकाज़िक्रक्याआबरू-ए-हुनरनहीं
सबकेबनाएहमनेघरऔरहमाराघरनहीं
कैसाअजीबवक़्तहैकोईभीहम-सफ़रनहीं
धूपभीमो'तबरनहींसायाभीमो'तबरनहीं
जोमेरेख़्वाबमेंरहीपैकर-ए-रंग-ए-नूरथी
येतोलहूलुहानहैयेतोमिरीसहरनहीं
भटकेहुएहैंक़ाफ़िलेकैसेमिलेंगीमंज़िलें
सबतोबनेहैंराहज़नकोईभीराहबरनहीं
कैसाअजीबहादसाहमपेगुज़रगया'अनीस'
राखकभीकेहोचुकेऔरहमेंख़बरनहीं
  - Anis Dehlavi
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