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Aniket sagar
pata chalte nahin kuchh raaz iske
pata chalte nahin kuchh raaz iske | पता चलते नहीं कुछ राज़ इसके
- Aniket sagar
पता
चलते
नहीं
कुछ
राज़
इसके
लगे
दिल
का
कोई
हमराज़
होना
ख़ुशी
का
फिर
ज़माना
लौट
आए
है
लाज़िम
दौर
का
आगाज़
होना
करो
गर
इश्क़
तो
इतना
समझ
लो
ज़रूरी
है
तुम्हें
जाँबाज़
होना
कहाँ
से
सीख
ली
तरक़ीब
तुमने
ज़रा
सी
बात
पर
नाराज़
होना
- Aniket sagar
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किस
तरह
जमा
कीजिए
अब
अपने
आप
को
काग़ज़
बिखर
रहे
हैं
पुरानी
किताब
के
Adil Mansuri
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किताबें
खोल
कर
बैठे
हैं
लेकिन
रिवीजन
बस
तुम्हारा
हो
रहा
है
Prateek Shukla
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अशआ'र
मिरे
यूँँ
तो
ज़माने
के
लिए
हैं
कुछ
शे'र
फ़क़त
उन
को
सुनाने
के
लिए
हैं
ये
इल्म
का
सौदा
ये
रिसाले
ये
किताबें
इक
शख़्स
की
यादों
को
भुलाने
के
लिए
हैं
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Jaan Nisar Akhtar
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किताब-ए-इश्क़
में
हर
आह
एक
आयत
है
पर
आँसुओं
को
हुरूफ़-ए-मुक़त्तिआ'त
समझ
Umair Najmi
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दवाओं
की
रसीदें
देख
ली
थीं
किताबें
इसलिए
माँगी
नहीं
हैं
Tanoj Dadhich
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बारूद
के
बदले
हाथों
में
आ
जाए
किताब
तो
अच्छा
हो
ऐ
काश
हमारी
आँखों
का
इक्कीसवाँ
ख़्वाब
तो
अच्छा
हो
Ghulam Mohammad Qasir
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गिफ़्ट
कर
देता
हूँ
उसको
मैं
किताबें,
लेकिन
उनको
पढ़
लेने
की
मोहलत
नहीं
देता
उसको
Harman Dinesh
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उसने
पूछा
था
पहले
हाल
मेरा
फिर
किया
देर
तक
मलाल
मेरा
मैं
वफ़ा
को
हुनर
समझता
था
मुझपे
भारी
पड़ा
कमाल
मेरा
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Subhan Asad
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हमें
पढ़ाओ
न
रिश्तों
की
कोई
और
किताब
पढ़ी
है
बाप
के
चेहरे
की
झुर्रियाँ
हम
ने
Meraj Faizabadi
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ये
हुनर
रब
ने
मेरी
ज़ात
में
रक्खा
हुआ
है
अच्छे
अच्छो
को
भी
औक़ात
में
रक्खा
हुआ
है
Fareeha Naqvi
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मेरी
संतान
से
मेरा
अलग
दुर्लभ
ही
नाता
है
उसे
इक
मैं
मुझे
इक
वो
हमेशा
से
ही
भाता
है
लिखूंँ
तो
काव्य
उसका
नाम
गाऊंँ
तो
तराना
है
वो
मुझ
सेे
ही
मुझे
हर
रोज़
आकर
के
मिलाता
है
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Aniket sagar
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उस
शहर
के
सब
मकाँ
बंजर
पड़े
हैं
बच्चे
रहते
ही
नहीं
है
जिस
शहर
में
Aniket sagar
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मिरे
दिल
में
सजाना
चाहता
हूँ
तुझे
अपना
बनाना
चाहता
हूँ
कभी
सीखा
नहीं
शायद
ये
हँसना
जी
भर
तुझको
हँसाना
चाहता
हूँ
बड़े
नज़दीक
से
देखा
जो
तूने
उसी
ग़म
को
मिटाना
चाहता
हूँ
जहाँ
रौशन
है
मुस्तक़बिल
मिरा
मैं
वहाँ
जीवन
बिताना
चाहता
हूँ
नज़र
के
सामने
लाकर
तुझे
मैं
गले
से
जाँ
लगाना
चाहता
हूँ
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Aniket sagar
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दिए
थे
कभी
ग़म
जिन्होंने
मुसलसल
मुझे
आग
बनकर
बरसना
है
उन
पर
Aniket sagar
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ओ
कन्हैया
तुम
तो
मेरे
हो
जहाँँ
और
कोई
भी
नहीं
मेरा
यहाँँ
Aniket sagar
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