meraa maazi mire chehre se jhalakta hai zaroor | मेरा माज़ी मिरे चेहरे से झलकता है ज़रूर

  - Anees Sultana
मेरामाज़ीमिरेचेहरेसेझलकताहैज़रूर
मुझकोहालातकीगर्मीकीशिकायतग़ुरूर
मस्लहतजानकेकाँटोंकीक़बालाएथे
गुलकीरंगीन-क़बाईकोपरखनाथाज़रूर
कौनसेभेसमेंमिलजाएँफ़रिश्तेहमदम
ख़िदमत-ए-इंस-ओ-बशरअपनाफ़रीज़ाहैहुज़ूर
वक़्तकेसाथबदलनेलगाएहसासकारंग
मुझकोइसबातकापहलेसेथाकोईशुऊ'र
बारहाउनकोरग-ए-जाँसेक़रींपायाहै
फिरजोदेखातोनज़रआतेहैंवोआजभीदूर
आपबे-वज्ह'अनीस'आजपरेशानहों
अबकहाँयादउन्हेंवोदिल-ए-सादाकाक़ुसूर
  - Anees Sultana
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