jo aah idhar nikli vo pahunchee hai udhar kya | जो आह इधर निकली वो पहुँची है उधर क्या

  - Anees Qalb
जोआहइधरनिकलीवोपहुँचीहैउधरक्या
पत्थरकेकलेजेपेभीहोताहैअसरक्या
इकसाथकुश्ताकरेजोदिलकोजिगरको
अबरूकीकमाँकैसीहैवोतीर-ए-नज़रक्या
थादहरमेंआबादकभीअपनाचमनभी
इसउजड़ेचमनकोभलाअबख़ौफ़-ए-शररक्या
चुभताहैउजालासाजोअबमेरीनज़रमें
इसतीरा-शबीकीकभीहोतीहैसहरक्या
जब'क़ल्ब'कोहीहसरत-ए-दीदारनहींहै
फिरआमभीहोजल्वाअगरलुत्फ़-ए-नज़रक्या
  - Anees Qalb
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy