zindagi bojhal hui aazaar se | ज़िंदगी बोझल हुई आज़ार से

  - Anees Qalb
ज़िंदगीबोझलहुईआज़ारसे
जिस्मझुकताजारहाहैबारसे
दोस्तोंनेइसक़दरधोकेदिए
औररग़बतबढ़गईअग़्यारसे
ज़िंदगीकाइकनयाइम्काँहुआ
इकदरीचाखुलगयादीवारसे
अबबयाँकैसेकरूँँरूदाद-ए-ग़म
काममुश्किलहैदिल-ए-ना-चारसे
हिज्रकीरातोंमेंबहताहीरहा
एकनालाचश्म-ए-दरिया-बारसे
मिस्ल-ए-मजनूँरेगज़ारोंमेंरहे
सरपटकतेरेतकीदीवारसे
हमअसीरान-ए-मोहब्बतहैंयहाँ
उलझेहैंअबगेसू-ए-ख़मदारसे
'क़ल्ब'तेरीग़ज़लेंयूँँशादाँकरें
दर्दनिकलेहैतिरेअशआ'रसे
  - Anees Qalb
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