कबइश्क़मेंयारोंकीपज़ीराईहुईहै
हरकोहकनओक़ैसकीरुस्वाईहुईहै
इसकोहकोमैंनेहीतराशाहैमिरीजान
तुझतकयेजू-ए-शीरमिरीलाईहुईहै
इसशहरमेंक्याचाँदचमकताहुआदेखें
इसशहरमेंहरशक्लतोगहनाईहुईहै
वोइश्क़कीज़ंजीरजोकाटेनहींकटती
पैरोंमेंवोतेरीहीतोपहनाईहुईहै
येतख़्त-ए-सबाख़िलअत-ए-गुलकर्सी-ए-महताब
सबतेरेलिएअंजुमन-आराईहुईहै
जोतेरेख़ज़ानेकेलिएलौह-ए-शरफ़है
वोमोहर-ए-जवाहरमिरीठुकराईहुईहै
शोहराहैबहुतजिसकीतिलावतकाचमनमें
वोआयत-ए-गुलमेरीहीपढ़वाईहुईहै
थीजोनकिसीशाना-ए-यूसुफ़कीतलबगार
वोज़ुल्फ़-ए-ज़ुलेख़ामिरीसौदाईहुईहै
देखाहैकिसीआहू-ए-ख़ुश-चश्मकोउसने
आँखोंमेंबहुतउसकीचमकआईहुईहै