sahan-e-chaman hai gosha-e-zindaaan tire baghair | सहन-ए-चमन है गोशा-ए-ज़िंदाँ तिरे बग़ैर

  - Andaleeb Shadani
सहन-ए-चमनहैगोशा-ए-ज़िंदाँतिरेबग़ैर
मा'मूरा-ए-हयातहैवीराँतिरेबग़ैर
छुपछुपकेजिसकोदेखनेआताथामाहताब
ज़ुल्मत-कदाहैअबवोशबिस्ताँतिरेबग़ैर
जलताहैचारासाज़कीनादानियोंपेजी
मैंऔरमेरेदर्दकादरमाँतिरेबग़ैर
सोतीहैंइसमेंकितनीउमीदेंफ़नाकीनींद
सीनाहैएकशहर-ए-ख़मोशाँतिरेबग़ैर
मेरीहँसीकिथीतिरासरमाया-ए-नशात
देखअबहैख़ंदा-ए-गिर्यांतिरेबग़ैर
महताबकेहुजूममेंगुमहोगईथीरात
फिरक़हरबनगयाग़म-ए-दौराँतिरेबग़ैर
जलताहैतेज़तेज़तड़पताहैपै-ब-पै
दिलहैकिएकशोला-ए-लरज़ाँतिरेबग़ैर
मैंहेचहूँमगरमुझेइतनासुबुककर
मैंऔरनशात-ए-ज़ीस्तकाअरमाँतिरेबग़ैर
जिसज़िंदगीकोतूनेबनायाथाज़िंदगी
वोज़िंदगीहैख़्वाब-ए-परेशाँतिरेबग़ैर
  - Andaleeb Shadani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy