जबघूमतेरहेफ़क़तअच्छेकीचाहमें
आधेसेहाथधोलिए,पौनेकीचाहमें
गुरबतथी,इसलिएलगायादिलकभीनहीं
गुज़रीतमामज़िन्दगीबोसेकीचाहमें
हमनेंउगायेफूलथेतितलीकेवास्ते
लेकिनवोउड़गईकिसीभँवरेकीचाहमें
सबज़िन्दगीसेहारकरकेलेटनेकेबाद
करवटबदलबदलरहेसोनेकीचाहमें
देखीहैजिसनेमुफ़लिसीवोजनताहैये
रोटीकोभूलतेनहींकपड़ेकीचाहमें
इसबातकीख़ुशीहैकेबसचलरहीहैसाँस
कुछशौक़अबरहेनहींजीनेकीचाहमें