जोशब-ए-सियाहसेडरगएकिसीशामहीमेंभटकगए
वहीताजदार-ए-सहरबनेजोसियाहियोंमेंचमकगए
नबनायामुँहकिसीजामपरनलगायादिलकिसीजामसे
जोलबोंतकआएवोपीलिएजोछलकगएवोछलकगए
हैहयात-ए-जेहदनफ़सनफ़सरह-ए-आशियाँहैक़फ़सक़फ़स
जोननोक-ए-ख़ारपेचलसकेरह-ए-ज़िंदगीसेभटकगए
तुझेकुछख़बरभीहैमोहतसिबइसीबज़्ममेंतिरेसामने
लड़ेंदूरहीसेनिगाहेंकभीयूँँभीजामखनकगए
मिरेरहनुमा-ए-सुख़न-सराकभीमिम्बरोंसेउतरज़रा
कोईगामराह-ए-अमलमेंभीतिरीगुफ़्तुगूसेतोथकगए
हैंनजानेकितनेगुल-ए-हसींजोछुपाएआरिज़-ए-आतिशीं
लिएअपनासाग़र-ए-अम्बरींकिसीदश्तहीमेंमहकगए
कहूँक्यामैंज़ीस्तकीदास्ताँउसेयूँँसमझमिरेमेहरबाँ
कभीहर्फ़-ए-बज़्मजोसुनलियातोनज़रकेजामछलकगए
रह-ए-इल्मशककीहैंसीढ़ियाँयहीज़ेहनज़िंदाकाहैनिशाँ
जिसेइख़्तिलाफ़मेंहोगुमाँवोहमींनहोंजोबहकगए
ननज़रमिलीनज़बाँखुलीछुपीफिरभीदिलकीनबेकली
कभीदूरजाकेपलटपड़ेकभीपासजाकेठिठुकगए
चलीबाद-ए-जब्रअगरतोक्यामुझेयूँँजहाँनबुझासका
मुझेरासआईयहीहुआमिराशो'लेऔरभड़कगए
मिरेज़ेहन-ओ-दिलकीबसीरतेंग़म-ए-ज़िंदगीकीहक़ीक़तें
मिरेलबपेगीतनहींहैंवोकिजोपायलोंमेंछनकगए
सुनेंबाम-ए-होशपेजाकेक्यूँँतिरी'मुल्ला'आयत-ए-बे-मज़ा
अभीकोईइश्क़मेंरातकोवोग़ज़लसुनीकिफड़कगए