तुम्हारेबाददुनियामेंबचाक्याहै
किअबयेऐश-ओ-इशरतयेमज़ाक्याहै
बिछड़करतुमसेेमुझकोयेसमझआया
जहाँमेंइश्क़सेबढ़करनशाक्याहै
किएकऔरएकमिलकरएकबनताहै
मोहब्बतमेंगणितकाक़ायदाक्याहै
सहेहैंमैंनेकितनेहीसितमहँसकर
कभीयेतकनहींपूछाख़ताक्याहै
बनायाहैरक़ीबोंकोख़ुदामैंने
येमुझकोमतसिखाओतुमवफ़ाक्याहै
तुम्हेंजोचाहतेहैंसबमुनाफ़िक़हैं
तुमइकदिनजानजाओगीदग़ाक्याहै
गुनाह-ए-इश्क़सेसीखाहैबसइतना
किज़िंदारहनेसेबद-तरसज़ाक्याहै
मोहब्बतकीथीजब'रेहान'मर्ज़ीसे
तोफिरदिलटूटजानेकागिलाक्याहै