hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amjad Husain Hafiz Karnataki
door ke dhol suhaane hain
door ke dhol suhaane hain | दूर के ढोल सुहाने हैं
- Amjad Husain Hafiz Karnataki
दूर
के
ढोल
सुहाने
हैं
सदियों
के
अफ़्साने
हैं
शम-ए-मोहब्बत
जल
के
समझ
हम
तेरे
परवाने
हैं
दिल
में
उतर
कर
देखो
ज़रा
चाहत
के
तह-ख़ाने
हैं
माँग
रहे
हैं
तुझ
से
वफ़ा
हम
भी
क्या
दीवाने
हैं
यारों
की
बद
निय्यत
से
शर्मिंदा
याराने
हैं
'हाफ़िज़'
अब
टुकड़े
टुकड़े
ज़ेहन
के
ताने-बाने
हैं
- Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Ghazal Image
हमें
इस
मिट्टी
से
कुछ
यूँँ
मुहब्बत
है
यहीं
पे
निकले
दम
दिल
की
ये
हसरत
है
हमें
क्यूँ
चाह
उस
दुनिया
की
हो
मौला
हमारी
तो
इसी
मिट्टी
में
जन्नत
है
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
चाहत
में
मर
जाने
वाली
लड़की
हो
तुम
सचमुच
अफ़साने
वाली
लड़की
हो
आख़िरी
बैंच
पे
बैठने
वाला
लड़का
मैं
जाओ
तुम
अव्वल
आने
वाली
लड़की
हो
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
54 Likes
किसी
के
दिल
में
जगह
किस
तरह
बनानी
है
ये
सीखने
की
हो
चाहत
हमारे
शे'र
सुनो
Kashif Adeeb Makanpuri
Send
Download Image
28 Likes
ज़िंदगी
में
तब
से
चाहत
की
रही
नइँ
जुस्तुजू
जब
से
हमने
आपसे
पहली
दफ़ा
की
गुफ़्तगू
Bhawna Bhatt
Send
Download Image
0 Likes
इतना
ऊँचा
उड़ना
भी
कुछ
ठीक
नहीं
पाबंदी
लग
जाती
है
परवाज़ों
पर
तुझको
छू
कर
और
किसी
की
चाह
रखे
हैरत
है
और
लानत
है
ऐसे
हाथों
पर
Read Full
Varun Anand
Send
Download Image
71 Likes
चाह
थी
दो
जहाँ
की
मगर
देखिए
इक
गली
से
गुज़रता
रहा
उम्र
भर
Ashraf Jahangeer
Send
Download Image
39 Likes
कभी
चाहत
पे
शक
करते
हुए
ये
भी
नहीं
सोचा
तुम्हारे
साथ
क्यूँ
रहते
अगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
Send
Download Image
28 Likes
किसी
के
ज़ख़्म
पर
चाहत
से
पट्टी
कौन
बाँधेगा
अगर
बहनें
नहीं
होंगी
तो
राखी
कौन
बाँधेगा
Munawwar Rana
Send
Download Image
78 Likes
अगरचे
इश्क़
में
मजनू
बड़े
बदनाम
होते
हैं
अगरचे
क़ैस
जैसे
आशिक़ों
के
नाम
होते
हैं
भटक
सकती
नहीं
जंगल
में
लैला
चाह
करके
भी
अजी
लैला
को
घर
में
दूसरे
भी
काम
होते
हैं
Read Full
Gagan Bajad 'Aafat'
Send
Download Image
26 Likes
हुस्न
के
समझने
को
उम्र
चाहिए
जानाँ
दो
घड़ी
की
चाहत
में
लड़कियाँ
नहीं
खुलतीं
Parveen Shakir
Send
Download Image
47 Likes
Read More
घर
आँगन
में
फैली
धूप
पीले
रंग
में
लिपटी
धूप
रोज़
किताबें
चूमती
है
सुब्ह
की
उजली
उजली
धूप
हम
जब
भी
स्कूल
गए
हम
से
पहले
वहाँ
थी
धूप
हम
न
रुकेंगे
मंज़िल
तक
कैसी
बारिश
कैसी
धूप
धरती
सोना
लगती
है
चमकाए
यूँँ
मिट्टी
धूप
ढूँडा
था
हम
ने
तो
क़लम
बस्ते
में
से
निकली
धूप
किरनों
की
छतरी
था
में
'हाफ़िज़'
छत
पर
उतरी
धूप
Read Full
Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Image
0 Likes
रात
पुरानी
लगती
है
बूढ़ी
नानी
लगती
है
मैं
राजा
हूँ
सपनों
का
और
वो
रानी
लगती
है
जो
मेरी
साँसों
की
तरह
आनी
जानी
लगती
है
याद
आती
है
जब
उस
की
शाम
सुहानी
लगती
है
मैं
दीवाना
लगता
हूँ
वो
दीवानी
लगती
है
दिल
जब
टूटने
लगता
है
दुनिया
फ़ानी
लगती
है
शाइ'री
आप
की
ऐ
'हाफ़िज़'
अपनी
कहानी
लगती
है
Read Full
Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Image
0 Likes
आँख
के
तारे
टूट
गए
ख़्वाब
हमारे
टूट
गए
कल
मौजों
में
जंग
हुई
और
किनारे
टूट
गए
क़तरा
क़तरा
बर्फ़
बना
और
फ़व्वारे
टूट
गए
मेरी
पलकों
से
गिर
के
आँसू
सारे
टूट
गए
'हाफ़िज़'
वक़्त
बुरा
आया
देख
सारे
टूट
गए
Read Full
Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Image
0 Likes
हम
ने
सीखा
है
मोहब्बत
करना
एक
इक
दिल
पे
हुकूमत
करना
हम
भी
तारीख़
बदल
सकते
हैं
शर्त
है
हिम्मत-ओ-जुरअत
करना
ज़ेब
देता
नहीं
इंसानों
को
किसी
इंसाँ
की
इबादत
करना
रख
के
ख़ुद
अपनी
ज़रूरत
को
उधार
पूरी
औरों
की
ज़रूरत
करना
शब
की
तारीकी
में
सीखा
हम
ने
चाँद
तारों
की
तिलावत
करना
आख़िरी
साँस
तलक
जीवन
की
मर्द
की
शान
है
मेहनत
करना
फ़र्ज़
से
हज
के
है
अफ़ज़ल
'हाफ़िज़'
बूढे
माँ-बाप
की
ख़िदमत
करना
Read Full
Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Image
0 Likes
आदमी
नूर
है
जल्वा-ए-तूर
है
रब
है
मुख़्तार-ए-कुल
बंदा
मजबूर
है
नश्शा-ए-हिर्स
में
हर
कोई
चूर
है
सालिहों
के
लिए
वादा-ए-हूर
है
क्या
है
सेहुनियत
एक
नासूर
है
मुग़्लिया
सल्तनत
अज़्म-ए-तैमूर
है
'हाफ़िज़'
इंसान
से
ज़िंदगी
दूर
है
Read Full
Amjad Husain Hafiz Karnataki
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aasman Shayari
Majboori Shayari
Rahbar Shayari
Wajood Shayari
Chai Shayari