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Daqiiq Jabaali
zyaada se zyaada kya ho jaana hai
zyaada se zyaada kya ho jaana hai | ज़्यादास ज़्यादा क्या हो जाना है
- Daqiiq Jabaali
ज़्यादास
ज़्यादा
क्या
हो
जाना
है
सबने
इक
दिन
फ़ना
हो
जाना
है
ग़लती
तो
माननी
है
नइँ
ख़ुद
की
तुम
ने
तो
बस
ख़फ़ा
हो
जाना
है
- Daqiiq Jabaali
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तेरा
बुत
तो
नहीं
था
पास
मेरे,
तेरी
यादों
को
अपने
पास
रखा
गोया
हस्ते
हुए
भी
हमने
सदा,
अपने
दिल
को
बहुत
उदास
रखा
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Prince
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इसी
खंडर
में
कहीं
कुछ
दिए
हैं
टूटे
हुए
इन्हीं
से
काम
चलाओ
बड़ी
उदास
है
रात
Firaq Gorakhpuri
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उदासी
जैसे
कि
उसके
बदन
का
हिस्सा
है
अधूरा
लगता
है
वो
शख़्स
अगर
उदास
न
हो
Vikram Sharma
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किसी
से
दूरी
बनाई
किसी
के
पास
रहे
हज़ार
कोशिशें
कर
लीं
मगर,
उदास
रहे
Sawan Shukla
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ज़ब्त
करता
हूँ
तो
घुटता
है
क़फ़स
में
मिरा
दम
आह
करता
हूँ
तो
सय्याद
ख़फ़ा
होता
है
Qamar Jalalvi
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ख़्वाब
के
आस
पास
रह
रह
कर
थक
गया
हूँ
उदास
रह
रह
कर
Shahbaz Rizvi
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उदास
लोग
इसी
बात
से
हैं
ख़ुश
कि
चलो
हमारे
साथ
हुए
हादसों
की
बात
हुई
Abhishar Geeta Shukla
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जो
ग़ुस्सा
आ
गया
तो
क्या
ही
कर
लेंगे
ज़ुबाँ
ये
मेरी
गाली
भी
नहीं
देती
Irshad Siddique "Shibu"
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चंद
कलियाँ
नशात
की
चुन
कर
मुद्दतों
महव-ए-यास
रहता
हूँ
तेरा
मिलना
ख़ुशी
की
बात
सही
तुझ
से
मिल
कर
उदास
रहता
हूँ
Sahir Ludhianvi
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मुझ
सेे
जो
मुस्कुरा
के
मिला
हो
गया
उदास
ताज़ा
हवा
की
खिड़कियों
को
जंग
लग
गई
Siddharth Saaz
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अब
तुम्हें
याद
तो
नहीं
होगा
प्यार
करते
थे
तुम
कभी
हमको
Daqiiq Jabaali
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हिन्दी
सिनेमा
के
कोई
नायक
नहीं
हैं
हम
लायक़
हैं
सबके
बस
तेरे
लायक़
नहीं
हैं
हम
Daqiiq Jabaali
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शायद
वो
कोई
सपना
ही
था
कल
उसने
मुझ
सेे
बातें
की
थी
Daqiiq Jabaali
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बस
एक
ही
तो
बात
हमको
कहनी
है
यारा
क्या
संग
उस
लड़के
के
तू
ख़ुश
रहती
है
यारा
मालूम
है
ये
तुम
को
मैं
दिल
तोड़
देता
हूँ
तो
तुमको
मुझ
सेे
दोस्ती
क्यूँँ
रखनी
है
यारा
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Daqiiq Jabaali
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जब
कभी
ग़म
ने
सताया
देर
तक
मैंने
फिर
ग़ज़लों
को
गाया
देर
तक
यार
से
अपने
मैं
जब
जब
भी
मिला
सीने
से
उस
को
लगाया
देर
तक
हार
कर
भी
जब
मैं
यारों
हँस
पड़ा
दुश्मनों
ने
ग़म
मनाया
देर
तक
ख़ौफ़
से
दुनिया
के
मैं
जब
भी
डरा
हौसला
माँ
ने
बढ़ाया
देर
तक
झूठ
कितना
भी
कहा
उसने
मगर
सच
तो
लेकिन
छुप
न
पाया
देर
तक
हाथ
ख़ुशियों
ने
कभी
पकड़ा
नहीं
साथ
तो
ग़म
ने
निभाया
देर
तक
माफ़
तुझको
मैं
भला
कैसे
करुँ
तूँ
ने
भी
तो
दिल
दुखाया
देर
तक
शा'इरी
ने
जिस
किसी
को
भी
चुना
नौकरी
वो
कर
न
पाया
देर
तक
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Daqiiq Jabaali
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