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Daqiiq Jabaali
mujhe shayar banaakar vo na jaane ab
mujhe shayar banaakar vo na jaane ab | मुझे शायर बनाकर वो न जाने अब
- Daqiiq Jabaali
मुझे
शायर
बनाकर
वो
न
जाने
अब
किसे
शायर
बनाने
में
लगी
होगी
- Daqiiq Jabaali
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वो
पूछते
फिरते
हैं
मेरे
बारे
में
सब
सेे
इक
मेरा
भी
शायर
है
उसे
तुमने
सुना
क्या?
Nawaz Deobandi
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किसी
बहाने
से
उसकी
नाराज़गी
ख़त्म
तो
करनी
थी
उसके
पसंदीदा
शाइर
के
शे'र
उसे
भिजवाए
हैं
Ali Zaryoun
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बात
ऐसी
भी
भला
आप
में
क्या
रक्खी
है
इक
दिवाने
ने
ज़मीं
सर
पे
उठा
रक्खी
है
इत्तिफ़ाक़न
कहीं
मिल
जाए
तो
कहना
उस
सेे
तेरे
शाइर
ने
बड़ी
धूम
मचा
रक्खी
है
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Ismail Raaz
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इतना
आसान
नहीं
होता
है
शायर
कहलाना
दर्दों
को
कहने
से
पहले
सहना
भी
पड़ता
है
Harsh saxena
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मेरे
शायर!
मैं
वही
हुस्ने-दिलावेज़,
जिसे
चाहने
वाले
बहुत,
जानने
वाले
कम
हैं
Subhan Asad
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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देखो
तुम
ने
इश्क़
किया
है
शायर
से
शे'र
कहेगा
ज़ेवर
थोड़ी
ला
देगा
Kumar Kaushal
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हर
एक
लफ़्ज़
के
तेवर
ही
और
होते
हैं
तेरे
नगर
के
सुख़न-वर
ही
और
होते
हैं
तुम्हारी
आँखों
में
वो
बात
ही
नहीं
ऐ
दोस्त
डुबोने
वाले
समुंदर
ही
और
होते
हैं
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Abrar Kashif
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कमाने
का
कोई
ज़रिया
नहीं
होती
ये
फनकारी
मगर
फ़ाक़े
बिता
कर
कोई
शायर
जी
नहीं
सकता
AYUSH SONI
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वो
शख़्स
काश
अपना
शौहर
बनाता
मुझको
जिस
शख़्स
के
ग़मों
ने
शायर
बना
रखा
है
Harsh saxena
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मैं
ख़ुशी
में
तेरी
हँसता
तेरे
दुख
में
रोता
मैं
काश
ऐसा
होता
मेरी
जान
शीशा
होता
मैं
Daqiiq Jabaali
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तुम
कभी
कितना
ज़ियादा
ध्यान
रखते
थे
हमारा
तुमको
ही
फ़ुर्सत
नहीं
अब
हाल
तक
को
पूछने
की
Daqiiq Jabaali
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क्या
है
कि
अपने
आप
में
मग़रूर
है
बहुत
वो
शख़्स
हम
से
इस
लिए
तो
दूर
है
बहुत
हम
को
हमारा
कूचा
भी
पहचानता
नहीं
और
वो
कि
अपने
शहर
में
मशहूर
है
बहुत
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Daqiiq Jabaali
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हँसते
नइँ
खुलके
रोते
नइँ
खुलके
दोस्त
पत्थर
के
बन
गए
हम
लोग
Daqiiq Jabaali
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कभी
घर
पर
कभी
बाहर
तुम्हारी
बात
करता
हूँ
ज़ियादा
तो
नहीं
दिनभर
तुम्हारी
बात
करता
हूँ
तुम्हारी
बातें
कर-कर
के
ही
तो
मैं
बन
गया
शायर
मैं
शायर
हूँ
सो
मैं
अक्सर
तुम्हारी
बात
करता
हूँ
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Daqiiq Jabaali
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