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Daqiiq Jabaali
kuchh bhi haasil nahin hota yahaañ bin mehnat ke
kuchh bhi haasil nahin hota yahaañ bin mehnat ke | कुछ भी हासिल नहीं होता यहाँ बिन मेहनत के
- Daqiiq Jabaali
कुछ
भी
हासिल
नहीं
होता
यहाँ
बिन
मेहनत
के
ख़ुद
का
साया
भी
मुझे
धूप
में
आने
से
मिला
- Daqiiq Jabaali
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ख़ुद
जिसे
मेहनत
मशक़्क़त
से
बनाता
हूँ
'जमाल'
छोड़
देता
हूँ
वो
रस्ता
आम
हो
जाने
के
बाद
Jamal Ehsani
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एक
मुसलसल
कोशिश
यह
बतलाती
है
छैनी
से
पर्वत
काटा
जा
सकता
है
Divy Kamaldhwaj
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कोई
ख़ुद-कुशी
की
तरफ़
चल
दिया
उदासी
की
मेहनत
ठिकाने
लगी
Adil Mansuri
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मज़दूर
भले
सारी
ही
उम्र
करे
मेहनत
बेटी
की
विदाई
लायक़
पैसे
नहीं
होते
Amaan Pathan
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देख
मोहब्बत
का
दस्तूर
तू
मुझ
से
मैं
तुझ
से
दूर
कोशिश
लाज़िम
है
प्यारे
आगे
जो
उसको
मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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तोड़
कर
तुझको
भला
मेरा
भी
क्या
बन
जाता
उल्टा
मैं
ख़ुद
की
मुहब्बत
प
सज़ा
बन
जाता
जितनी
कोशिश
है
तिरी
एक
तवज्जोह
के
लिए
उस
सेे
कम
में
तो
मैं
दुनिया
का
ख़ुदा
बन
जाता
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Ashutosh Vdyarthi
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मुमकिन
ही
नहीं
जीतना
कोशिश
से
कोई
दिल
कुछ
बस
में
नहीं
बाल
बनाने
के
अलावा
Shariq Kaifi
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मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
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Kanval Dibaivi
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मेरी
कोशिश
तो
यही
है
कि
ये
मासूम
रहे
और
दिल
है
कि
समझदार
हुआ
जाता
है
Vikas Sharma Raaz
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मैं
ने
मेहनत
से
हथेली
पे
लकीरें
खींचीं
वो
जिन्हें
कातिब-ए-तक़दीर
नहीं
खींच
सका
Umair Najmi
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राम
जैसा
पुरुष
फिर
हुआ
ही
नहीं
पाप
धरती
से
कम
हो
सका
ही
नहीं
व्यर्थ
पुतले
जलाने
से
क्या
फ़ाइदा
जब
वो
अंदर
का
रावण
मरा
ही
नहीं
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Daqiiq Jabaali
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ये
ऐसा
है
वो
वैसा
है
अब
इस
से
तुम
को
क्या
लेना
या
तो
सब
सेे
मतलब
रक्खो
या
बस
हम
सेे
मतलब
रक्खो
Daqiiq Jabaali
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कुछ
नहीं
होगा
रोने
से
सो
मैं
हँसता
रहता
हूँ
अपनी
क़िस्मत
पर
Daqiiq Jabaali
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सारे
दर्दों
से
किनारा
कर
रहे
हैं
शा'इरी
करके
गुज़ारा
कर
रहे
हैं
लोगों
ने
पूछा
पता
इक
बे-वफ़ा
का
हम
तेरी
जानिब
इशारा
कर
रहे
हैं
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Daqiiq Jabaali
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वो
लड़की
मुझको
जब
पागल
कहती
थी
जाने
क्यूँँ
इस
दिल
को
अच्छा
लगता
था
Daqiiq Jabaali
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