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Daqiiq Jabaali
mere lehje se har koii khafa hai
mere lehje se har koii khafa hai | मेरे लहजे से हर कोई ख़फ़ा है
- Daqiiq Jabaali
मेरे
लहजे
से
हर
कोई
ख़फ़ा
है
कि
ये
लड़का
बहुत
कम
बोलता
है
कभी
कोई
ज़रा
मुझ
सेे
भी
पूछो
तुम्हारा
चेहरा
क्यूँ
उतरा
हुआ
है
कोई
जाकर
के
उस
सेे
पूछ
आओ
वो
मेरे
बारे
में
क्या
सोचता
है
नहीं
जब
क़द्र
उस
लड़की
को
तेरी
तो
फिर
तू
उसके
पीछे
क्यूँँ
पड़ा
है
यहाँ
हर
एक
लड़का
लड़कियों
को
हवस
की
नज़रों
से
ही
देखता
है
जो
पहले
करता
था
ता'रीफ़
मेरी
वही
अब
मुझको
गाली
दे
रहा
है
- Daqiiq Jabaali
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मुझको
गया
था
छोड़
के
वो
कितने
तैश
में
लेकिन
ख़ुशी
से
रह
न
सका
एक
साल
भी
Ankit Maurya
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यार
इस
में
तो
मज़ा
है
ही
नहीं
कोई
भी
हम
सेे
ख़फ़ा
है
ही
नहीं
इश्क़
ही
इश्क़
है
महसूस
करो
और
कुछ
इसके
सिवा
है
ही
नहीं
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Madhyam Saxena
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ये
जो
दुनिया
है
इसे
इतनी
इजाज़त
कब
है
हम
पे
अपनी
ही
किसी
बात
का
ग़ुस्सा
उतरा
Abhishek shukla
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ज़ब्त
करता
हूँ
तो
घुटता
है
क़फ़स
में
मिरा
दम
आह
करता
हूँ
तो
सय्याद
ख़फ़ा
होता
है
Qamar Jalalvi
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जो
ग़ुस्सा
आ
गया
तो
क्या
ही
कर
लेंगे
ज़ुबाँ
ये
मेरी
गाली
भी
नहीं
देती
Irshad Siddique "Shibu"
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मना
भी
लूँगा
गले
भी
लगाऊँगा
मैं
'अली'
अभी
तो
देख
रहा
हूँ
उसे
ख़फ़ा
कर
के
Ali Zaryoun
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तुम
को
आता
है
प्यार
पर
ग़ुस्सा
मुझ
को
ग़ुस्से
पे
प्यार
आता
है
Ameer Minai
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किस
किस
को
बताएँगे
जुदाई
का
सबब
हम
तू
मुझ
से
ख़फ़ा
है
तो
ज़माने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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जो
रहे
थे
खफ़ा-खफ़ा
हम
सेे
कह
गए
हमको
बे-वफ़ा
हम
सेे
राह
तकते
रहे
थे
फिर
भी
वो
नईं
मिले
आख़िरी
दफ़ा
हम
सेे
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Shivam Mishra
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लोग
कहते
हैं
कि
तू
अब
भी
ख़फ़ा
है
मुझ
से
तेरी
आँखों
ने
तो
कुछ
और
कहा
है
मुझ
से
Jaan Nisar Akhtar
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कौन
सा
ग़म
नहीं
दिया
फिर
भी
ज़िन्दगी
तेरा
शुक्रिया
फिर
भी
Daqiiq Jabaali
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वो
दोस्त
है
मेरी
मैं
बस
इस
बात
से
ख़ुश
हूँ
बहुत
मैं
इश्क़
का
इज़हार
कर
के
दोस्ती
क्यूँ
तोड़
लूँ
Daqiiq Jabaali
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क्या
है
कि
अपने
आप
में
मग़रूर
है
बहुत
वो
शख़्स
हम
से
इस
लिए
तो
दूर
है
बहुत
हम
को
हमारा
कूचा
भी
पहचानता
नहीं
और
वो
कि
अपने
शहर
में
मशहूर
है
बहुत
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Daqiiq Jabaali
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एक
बच्चा
ठंड
में
बाहर
ठिठूर
कर
मर
गया
मख़मली
चादर
को
ओढ़े
सोए
थे
भगवान
जी
Daqiiq Jabaali
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कितनों
ने
समझाया
था
कितनों
ने
रोका
था
मुझे
दोस्त
लेकिन
सिर्फ़
तुझ
पर
ही
भरोसा
था
मुझे
Daqiiq Jabaali
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