khayaalon men aane ke din aa rahe hain | ख़यालों में आने के दिन आ रहे हैं

  - Amit Nandan Dev
ख़यालोंमेंआनेकेदिनरहेहैं
बहानेबनानेकेदिनरहेहैं
जोतन्हाथेहमउम्रभरउसगलीमें
वहींमुस्कुरानेकेदिनरहेहैं
लबोंपरहैअबभीदु'आओंकामौसम
मगरआज़मानेकेदिनरहेहैं
कभीजिनसेनज़रेमिलानेसेडरते
उन्हींकोसतानेकेदिनरहेहैं
जोख़ुशबूथीरूहोंकेअंदरकहींपे
उन्हेंफिरबुलानेकेदिनरहेहैं
बहुतदेरकीतुमनेलेकिनचलेतो
क़दमफिरउठानेकेदिनरहेहैं
हमारीभीतहरीरपढ़लेज़माना
क़लमकोचलानेकेदिनरहेहैं
शिकायतकोईरहे'देव'बसअब
मोहब्बतनिभानेकेदिनरहेहैं
  - Amit Nandan Dev
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