दिल ढूँढ़ रहा है कुछ आवाज़ न दो मुझको

  - Amit Nandan Dev
दिलढूँढ़रहाहैकुछआवाज़दोमुझको
मैंख़ुदसेहीरूठाहूँअंदाज़दोमुझको
तन्हाईनेसीखाहैता'बीरभीछलनाअब
ख़्वाबोंकोभीकहदूँक्याहमराज़दोमुझको
मैंचुपहूँतोमतलबयेमतलेनाकेख़ालीहूँ
हरसाँसमेंजलताहूँआवाज़दोमुझको
गुज़रीहुईसदियोंकाइकलम्हाहूँशायदमैं
तारीख़कोकहदेनाएजाज़दोमुझको
आँखोंमेंजोतूफ़ाँहैंवोदिलसेनिकलतेहैं
बारिशकोसमझलेनाआगाज़दोमुझको
तेराहीत'अल्लुक़हैतेरीहीबग़ावतभी
अबऔरमुहब्बतमेंएराज़दोमुझको
अब'देव'तअल्लुक़भीसदियोंसालगेहैक्यूँ
तुमहोतोकहोफिरभीअल्फ़ाज़दोमुझको
  - Amit Nandan Dev
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