कहा जो राज़ तो बोले के खुल गया कहिए

  - Amit Nandan Dev
कहाजोराज़तोबोलेकेखुलगयाकहिए
ग़ज़लमेंहोतोज़रादर्दभीदवाकहिए
कहाँतलकयेज़बाँबाँधकरदु'आकहिए
अभीतोदिलभीनहींटूटाजानक्याकहिए
नशेमेंहैंतोयेमतपूछिएइरादाक्या
बिनापिएभीजोबहकेउसेबुराकहिए
थावोमौजमेंफिरभीबहालिएहमको
अबउससुकूँकोभीतूफ़ान-ए-बेवफ़ाकहिए
निगाह-ए-सख़्तसेतोड़ाअगरकिसीनेदिल
तोउनकेनामकोफिरभीसदा-वफ़ाकहिए
अदूकेहाथमेंपत्थरथेऔरनिगाहेंभी
कहागयाजोवहीथातोबुराक्याकहिए
ज़ख़्मदीजिएऐसाकिदर्दगुमहोजाए
तेग़-ए-बे-सबाकोरहमकीअदाकहिए
बचारहाहूँत'अल्लुक़कोइसतरहजैसे
ख़ुदाकेबादकोईऔरआसराकहिए
पूछिएकिशिकायतकहाँतलकपहुँची
जोझूठसचसेमिलेउसकोहादसाकहिए
हुनरयहीहैकिजोहँसकेकाटदेसद
में
उसीकोदर्दमेंढलतीहुईअदाकहिए
मैंजिसकोसोचरहाहूँवोशख़्सतुमभीहो
मगरज़रायेबताओइसेख़ुदाकहिए
अजबहैतौर-ए-सितमऔरफिरसिलाभीनहीं
उसीज़मानेकोफिरज़ोर-ए-आज़माकहिए
कियाहैख़ुदकोतबाहीमेंबाख़ुशीमहफ़ूज़
जोइश्क़होतोउसेइश्क़कामज़ाकहिए
नहींहैहिज्रकोईबातयूँँभीजाननेकी
जुड़ेंजोसाँसमेंरुख़्सततोफिरक़ज़ाकहिए
कभीलबोंपेदु'आबनकेबद्दुआनिकले
तोइसतअम्मुल-ए-नज़रोंकोबद्दुआकहिए
नसीबकालिखाभीदेवगरबदलसके
तोअपनीहारकोफिरजीतकीदु'आकहिए।
  - Amit Nandan Dev
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy