फिर दस्त-ए-बे-ख़ुदी में क़लम है हिसाब में

  - Amit Nandan Dev
फिरदस्त-ए-बे-ख़ुदीमेंक़लमहैहिसाबमें
लिखताहूँनाम-ए-इश्क़कोग़मकेकिताबमें
कुछतोथाऔरजोनज़रआयाउम्रभर
कुछतोछुपाथादर्दकालुत्फ़-ए-शराबमें
तहज़ीबजोभीथीवोलहूमेंनहाईहै
हमनेचराग़रक्खेथेसाएकेबाबमें
हरख़ुशबूएकदर्दसेउठतीरहीतमाम
सौचाकथेबदनपेमगरइकगुलाबमें
इज़हारकेलिबासमेंतहज़ीबकालहू
हरइकहँसीथीनक़्लकिसीइज़्तिराबमें
रक़्साँथीआगहर्फ़थेभीगेहुएमगर
थाएकअजबसुकूतसातेरेख़िताबमें
रौशनहुईथीकभीदीवार-ओ-दरसेरूह
लेकिनमिलाथानूरकोईइकहिजाबमें
इज़हारतकआईकोईचीख़उम्रभर
जैसेकिदमथाअर्सा-ए-क़ुर्बतकेख़्वाबमें
रूठाजोएकख़्वाबथाता'बीरबनगया
मैंडूबतागयाकिसीउलझेसराबमें
दरवेशबनकेलौटेवोसूफ़ी-ए-बद-गुमाँ
क्याक्यादेखआएहैंहमतोनक़ाबमें
हमबे-सबबथेकिभटकतेथेदर-ब-दर
कुछजलचुकाथानक़्श-ए-क़दमआफ़ताबमें
हरबातहैअदूकीमगरलफ़्ज़अपनेहैं
कहताहूँआजमौतकोभीइज़्तिराबमें
रक्साँहुआथाहिज्रमेंइकबाग़बे-सबब
फिरज़हरडालदीकिसीनेचश्म-ए-आबमें
वोखूँ-रिज़ीभीशौक़कीऔरइश्क़भीहराम
हमभीशरीक़थेकिसीदीन-ए-शराबमें
तारीकियाँहीकाफ़ीथींशोलाबनानेको
क्याहमकोरौशनीनेदियाहैसवाबमें
अबदेवहरजवाबसेउठताहैइकसवाल
हमसेपूछमौजथीकिसकेशबाबमें
  - Amit Nandan Dev
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