हर हक़ीक़त से बड़ी है वहम की भी ज़िंदगी

  - Amit Nandan Dev
हरहक़ीक़तसेबड़ीहैवहमकीभीज़िंदगी
एकआइनाहैबसऔरआइनेकीज़िंदगी
सचकीतहतकजापाएज़ौक़-ए-हर्फ़-ए-आख़िरी
हमनेपहनीथीमुख़ालिफ़सोचकीभीज़िंदगी
दर्दसेजोबातनिकलीरूहतकपहुँचीनहीं
इकजलीसीबेलथीसूखीदु'आथीज़िंदगी
तर्ककरदीहमनेउसहस्तीकीसारीपैरवी
जिसनेरक्खीथीगिरहमेंबे-हुनरसीज़िंदगी
क़ब्रतकहमबख़्तकीतहज़ीबसमझेहीनहीं
ज़हरकोकहतेरहेकुछलोगमीठीज़िंदगी
शोहरतेंअफ़्सानेदुनियासबकोधिक्कारेकोई
क्यूँहोतर्क-ए-जहाँकीइब्तिदाभीज़िंदगी
ज़ुर्मभीमैंनेकिएपरजुर्मकेअंदाज़से
दुश्मनोंकोभीलगीथीबा-वफ़ासीज़िंदगी
हरसमयबनकररहामैंतर्जुमान-ए-ख़ामुशी
सर्फ़-ए-ग़मथीसर्फ़-ए-शेर-ओ-मय-कदासीज़िंदगी
सोचताहूँआख़िरशक्याखोदियाक्यापालिया
जबमिलाकुछतबनसीबोंमेंकहाँथीज़िंदगी
'देव'ग़ालिबकीतरहतहमेंउतरकरसोचते
क्याहक़ीक़तक्यातख़य्युलबसग़ज़लथीज़िंदगी
  - Amit Nandan Dev
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