लबोंपेजोहैवोख़ामोशियाँकुछऔरकहतीहैं
मगरआँखोंकीयेवीरानियाँकुछऔरकहतीहैं
सहरकीधूपभीअबएकआशासीजगातीहै
मगरशबभरकीयेतारीकियाँकुछऔरकहतीहैं
किताबोंमेंलिखींबातेंजोगरसच्चाईबतलाएँ
तोक्यूँँदुनियाकीयेचालाकियाँकुछऔरकहतीहैं
सजातेहैंजोवोमहफ़िलहमेंपहचाननेकोभी
हमारीतर्ज़कीतनहाइयाँकुछऔरकहतीहैं