हर क़दम एक ख़्वाब है कोई

  - amit kumar gangle
हरक़दमएकख़्वाबहैकोई
जिस
मेंछुपताअज़ाबहैकोई
साज़हैपरनवाज़िशेंकमहैं
दिलमेंछुपताजवाबहैकोई
हमजिसेजानकरगलेसेमिले
वोहीनिकलाहिसाबहैकोई
ग़मकोरक्खाहैजैसेफूलोंमें
तेराअंदाज़-ए-ख़्वाबहैकोई
अबवोरौशनीसायाहै
घरमेंजैसेख़राबहैकोई
दास्तान-ए-ग़ज़लसुनादूँमैं
तूअगरहम-नवाबहैकोई
  - amit kumar gangle
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy