ye zindagi kii kahaanii samajh sake hi nahin | ये ज़िंदगी की कहानी समझ सके ही नहीं

  - Amit Gautam
येज़िंदगीकीकहानीसमझसकेहीनहीं
तुम्हारीबातोंकेमानीसमझसकेहीनहीं
हैकोईगिलाशिकवाजोज़िंदगीतुझसेे
हैआँखेंक्यूँँमेरीपानीसमझसकेहीनहीं
मैंजगकोक्याहीबतातायेहाल-ए-दिलअपना
जोमेरेयारयेजानीसमझसकेहीनहीं
मुहब्बतोंमेंथाउसकीलुटायासबहीमगर
बिछड़केक्यूँँगईरानीसमझसकेहीनहीं
तबाहकरकेतोजंगलमहलबनायामगर
बरसतानभसेपानीसमझसकेहीनहीं
जोज़ख़्मपरहैंछिड़कतेनमकउन्हींकोफिर
हैचोटक्यूँँहीदिखानीसमझसकेहीनहीं
जोहमनिभाहीनहींसकतेऐसीबातोंकी
क़समहीक्यूँँहैवोखानीसमझसकेहीनहीं
  - Amit Gautam
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