vaqt ne zaKHm to bhar diya hai magar | वक़्त ने ज़ख़्म तो भर दिया है मगर

  - Amit Gautam
वक़्तनेज़ख़्मतोभरदियाहैमगर
अधमरासामुझेकरदियाहैमगर
छोड़करतोगएइश्क़कातुमसफ़र
बोझसासरमेरेधरदियाहैमगर
बसगएहैंनगरकाटजंगलसभी
जानवरकोभीक्याघरदियाहैमगर
लाखरहजनमिलेहैंडगरमेंतोक्या
राहमेंएकरहबरदियाहैमगर
बिनकिसीआसकेकर्ममैंनेकिए
उसनेझोलीमेंसबभरदियाहैमगर
  - Amit Gautam
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