samaan ghazab ka hai dal jheel ke kinaare par | समाँ ग़ज़ब का है डल झील के किनारे पर

  - Amit Gautam
समाँग़ज़बकाहैडलझीलकेकिनारेपर
करादेसैरतूमाझीमुझेशिकारेपर
हैचाँदएकमेरेआगेएकअंबरपे
निसारक्यूँँकरूँँजाँमैंइसनज़ारेपर
उड़ानकीतोहैख़्वाहिशमगरकरूँँक्यामैं
कतरदिएकिसीज़ालिमनेमेरेसारेपर
अबअम्न-ओ-चैनकीबातेंनहींकरेकोई
अवामझूमरहेमज़हबीसेनारेपर
महकउठीहैयेबगियाहैशबनमीरातें
किकायनातभीनिखरेतेरेइशारेपर
  - Amit Gautam
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